जल जीवन मिशन से बदली गांव की तस्वीर, हैंडपंप की कतारों और पानी ढोने की परेशानी से मिली मुक्ति
रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड स्थित बारीउमराव गांव में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना दिया है। कभी पेयजल के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब घर में नल खोलते ही पानी उपलब्ध हो रहा है। गांव के सभी घरों में नल कनेक्शन लगाए जाने से ग्रामीणों को हैंडपंप की कतारों और दूर-दराज से पानी ढोने की परेशानी से राहत मिली है।
पहले गांव में पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। सुबह होते ही महिलाएं और पुरुष बर्तन लेकर पानी भरने निकल पड़ते थे। कई बार अपनी बारी के इंतजार में घंटों कतार में खड़े रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में हैंडपंप खराब होने या जलस्तर कम होने पर परेशानी और बढ़ जाती थी। ऐसे में दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाना ग्रामीणों की मजबूरी बन जाता था।
गांव के करमदास बताते हैं कि पहले पीने और घरेलू जरूरतों के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मियों में वहां लंबी कतारें लगती थीं और हैंडपंप खराब होने पर पानी जुटाना और भी मुश्किल हो जाता था। अब घर में ही नल से पानी मिलने लगा है, जिससे वर्षों पुरानी परेशानी दूर हुई है।
समय और श्रम की बचत से आसान हुई दिनचर्या
करमदास कहते हैं कि पहले पानी भरने में काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर पर ही नल से पानी मिल जाता है। न दूर जाना पड़ता है और न ही लाइन में लगना पड़ता है। बचा हुआ समय दूसरे जरूरी कामों में लगा पाते हैं। इस सुविधा से पूरा परिवार खुश है। जल जीवन मिशन से बारीउमराव गांव के परिवारों को मिली सुविधा का सबसे अधिक लाभ महिलाओं और बुजुर्गों को हुआ है। पहले उन्हें पानी के भारी बर्तन लेकर हैंडपंप तक जाना पड़ता था। अब घर पर पानी उपलब्ध होने से उनकी शारीरिक मेहनत कम हुई है और घरेलू कार्यों के लिए अधिक समय मिलने लगा है।
गांव में आया यह बदलाव केवल घरों में नल कनेक्शन लगने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीणों की जीवनशैली में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। पानी के लिए रोजाना होने वाली भागदौड़ से मुक्ति मिलने के साथ अब ग्रामीण अपने समय और श्रम का उपयोग दूसरे जरूरी कार्यों में कर पा रहे हैं।