जीवन गाड़ी के संतुलन के लिए आवश्यक है व्यावहारिक समझ

लेख: बीके पुष्पेंद्र, पत्रकार एवं मोटिवेशनल लेखक

सागर। व्यावहारिक समझ, सामान्य बुद्धि या कॉमनसेंस। जीवन की गाड़ी को संतुलित, सुरक्षित और सफल रूप से चलाने के लिए यह अनिवार्य शर्त है। शिक्षा हमें जानकारी देती है, अनुभव हमें सीख देता है और सामान्य बुद्धि उन दोनों का जीवन में सही उपयोग करना सिखाती है। जो व्यक्ति इसका सही उपयोग करना सीख लेता है, वह जीवन के हर मोर्चे या परिस्थिति में बेहतर तालमेल बिठा पाता है। सामान्य बुद्धि कोई विशेष डिग्री, पद या उम्र से प्राप्त होने वाली चीज नहीं है। यह जीवन के अनुभवों, परिस्थितियों को समझने की क्षमता, सही-गलत का विवेक और समय के अनुसार उचित निर्णय लेने की योग्यता से विकसित होती है। एक व्यक्ति बहुत पढ़ा-लिखा हो सकता है, लेकिन यदि वह परिस्थितियों का व्यावहारिक आकलन नहीं कर पाता तो उसका ज्ञान भी कई बार उसके काम नहीं आता है। इसके विपरीत सामान्य शिक्षा प्राप्त व्यक्ति भी अपनी सूझबूझ से कठिन परिस्थितियों का समाधान खोज सकता है।

जीवन में रोजाना की दिनचर्या में छोटी-छोटी ऐसी बातें होती हैं जिन्हें हम कई बार नजर अंदाज कर देते हैं, लेकिन हमारी लापरवाही कहें या नजर अंदाज करने से वही छोटी बात सामने वाले के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन जाती है। व्यावहारिक समझ का मूल्यों से गहरा संबंध है। मूल्यनिष्ठ, सिद्धांत वादी व्यक्ति में औसत लोगों की तुलना में उच्च समझ होती है। कोई हमारी आलोचना करता है, बात नहीं मानता है या अचानक कोई समस्या सामने खड़ी हो जाती है। ऐसे समय में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ क्षण रुककर सोचना बहुत आवश्यक है। सामान्य बुद्धि हमें सिखाती है कि हर बात का जवाब तुरंत देना जरूरी नहीं है।

परिणामों के बारे में सोचना जरूरी

व्यावहारिक समझ का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष है- परिणामों के बारे में सोचना। कोई भी निर्णय लेने से पहले यह विचार करना कि इसके आगे क्या परिणाम हो सकते हैं, हमें अनेक परेशानियों से बचा सकता है। उदाहरण के लिए- बिना सोचे किसी व्यक्ति पर विश्वास करना, भावनाओं में आकर पैसा खर्च करना या किसी संदेश को सत्यापित किए बिना आगे भेज देना भविष्य में समस्या पैदा कर सकता है। सामान्य बुद्धि कहती है- पहले सोचें, फिर निर्णय लें। सामान्य बुद्धि केवल बाहरी परिस्थितियों को समझने तक सीमित नहीं है। यह स्वयं को समझने से भी जुड़ी है। हमें अपनी क्षमताओं, सीमाओं और आवश्यकताओं का ज्ञान होना चाहिए। हर व्यक्ति हर काम में श्रेष्ठ नहीं हो सकता। अपनी कमजोरी को स्वीकार करके उचित व्यक्ति से सहायता लेना भी बुद्धिमानी है। कई बार अहंकार व्यक्ति को यह मानने नहीं देता कि उसे किसी की मदद की आवश्यकता है। परिणामस्वरूप छोटी समस्या बड़ी बन जाती है। सामान्य बुद्धि हमें विनम्रता के साथ यह स्वीकार करना सिखाती है कि आवश्यकता पड़ने पर सलाह लेना कमजोरी नहीं, समझदारी है।

परिवार में व्यावहारिक समझ की बड़ी भूमिका

परिवार और सामाजिक जीवन में भी व्यावहारिक समझ की बड़ी भूमिका है। रिश्ते केवल सही होने से नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने से चलते हैं। कई बार हम अपनी बात को सही साबित करने के लिए सामने वाले की भावनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। सामान्य बुद्धि यह समझाती है कि हर सही बात हर समय और हर तरीके से कहना जरूरी नहीं। बात सही हो, लेकिन तरीका गलत हो तो उसका प्रभाव भी गलत हो सकता है। इसलिए शब्दों का चयन, समय की पहचान और सामने वाले की भावनाओं का सम्मान करना आवश्यक है।

सामान्य बुद्धि का संबंध विवेक से है

आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो सामान्य बुद्धि का संबंध विवेक से है। जब मन शांत होता है तो व्यक्ति परिस्थितियों को अधिक स्पष्टता से देख पाता है। अशांत मन तुरंत निष्कर्ष निकालता है, जबकि शांत मन विचार करता है। राजयोग ध्यान से मन स्थिर होता है। जब मन पर भावनाओं का अत्यधिक दबाव नहीं होता, तब व्यक्ति सही और गलत के बीच बेहतर अंतर कर सकता है। सामान्य बुद्धि का अर्थ यह भी नहीं कि हम हर परिस्थिति में बिल्कुल सही निर्णय ही लें। मनुष्य से गलतियां होना स्वाभाविक है। समझदारी यही है कि गलती होने के बाद उससे सीख ली जाए। जो अपनी गलतियों को स्वीकार करके उनमें सुधार करता है, उसकी व्यावहारिक बुद्धि लगातार विकसित होती जाती है। ज्ञान हमें बताता है कि क्या संभव है, लेकिन व्यावहारिक बुद्धि यह तय करने में मदद करती है कि क्या करना उचित है। इसलिए जीवन में केवल अधिक ज्ञान अर्जित करने का प्रयास न करें, बल्कि उस ज्ञान को सही समय पर सही तरीके से प्रयोग करने की क्षमता भी विकसित करें। कुछ क्षण रुकें, सोचें, परिस्थितियों को समझें, परिणामों पर विचार करें और फिर निर्णय लें। यही सामान्य बुद्धि है और यही व्यावहारिक समझ जीवन को अनावश्यक उलझनों से बचाकर सहज, सफल और सुखद बना सकती है।

(यह लेखक के निजी विचार हैं, सर्वाधिकार सुरक्षित )

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